कोलकाता : आगामी चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने पोलिंग प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों में साफ कर दिया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
निष्पक्षता पर सबसे ज्यादा जोर
जारी दिशा-निर्देशों में पोलिंग स्टाफ को पूरी तरह निष्पक्ष रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी राजनीतिक दबाव, प्रभाव या प्रलोभन से दूर रहने को कहा गया है। साथ ही किसी भी तरह का उपहार या लाभ लेना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सुरक्षा के लिए सेंट्रल फोर्स से तालमेल जरूरी
पोलिंग स्टेशनों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बलों के साथ बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
मॉक पोल और मशीनों की जांच अनिवार्य
मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल कराना जरूरी होगा। इसके साथ ही ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की पूरी तरह जांच करने के बाद ही वोटिंग प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके।
समस्या आते ही तुरंत रिपोर्टिंग
वोटिंग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या तकनीकी समस्या सामने आने पर तत्काल इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।
मोबाइल पर सख्ती, गोपनीयता सर्वोपरि
पोलिंग स्टेशनों पर मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। साथ ही मतदाताओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कैमरों के इस्तेमाल, बूथ व्यवस्था और प्रवेश नियंत्रण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सेक्टर अधिकारियों की बढ़ी जिम्मेदारी
सेक्टर अधिकारियों को पोलिंग स्टेशनों की तैयारियों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, वेबकास्टिंग, बिजली और संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। मतदान के दिन नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग भी अनिवार्य की गई है।
पोस्टल बैलेट से वोटिंग की सुविधा
जो मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया में पहचान सत्यापन और गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का संकेत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी और जवाबदेही तय की गई है।