पश्चिम बंगाल: में डेंगू की बिगड़ती स्थिति और बढ़ते मामलों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक (DG) ने एक राहत भरी और बड़ी घोषणा की है। रविवार को कोलकाता में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए ICMR DG ने बताया कि भारत की पहली स्वदेशी डेंगू वैक्सीन 'डेंगियॉल' (DengiAll) अगले साल यानी 2027 के डेंगू सीजन (अगस्त-सितंबर) से पहले बाजार में आ सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैक्सीन के व्यावसायिक उत्पादन से पहले तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम और नियामक संस्थाओं की हरी झंडी आवश्यक होगी।
दूसरे चरण के नतीजे बेहद सफल, चल रहा है तीसरा ट्रायल
ICMR DG के अनुसार, प्रस्तावित डेंगू वैक्सीन के दूसरे चरण (Phase-2) के ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जिनके शुरुआती आंकड़े बेहद सकारात्मक और असरदार रहे हैं। वर्तमान में इस वैक्सीन का तीसरे चरण का व्यापक क्लिनिकल ट्रायल (Phase-3 Trial) चल रहा है। वर्ष 2024 में देश के 19 प्रमुख केंद्रों में 10,335 स्वयंसेवकों पर यह तीसरा ट्रायल शुरू किया गया था। तीसरे चरण की रिपोर्ट में हरी झंडी मिलने और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होते ही इसे देश भर में आम जनता के लिए पेश कर दिया जाएगा।

चारों स्ट्रेन के खिलाफ कारगर होगी एक ही डोज
ICMR और 'पानासिया बायोटेक' (Panacea Biotec) के संयुक्त प्रयास से पूरी तरह भारतीय तकनीक पर आधारित इस वैक्सीन का नाम 'डेंगियॉल' (DengiAll) रखा गया है। यह एक 'कमजोर जीवित वायरस-आधारित' (attenuated live virus-based) टीका है, जिसे डेंगू वायरस के चारों स्वरूपों (Den-1, Den-2, Den-3, Den-4) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिंगल-डोज (Single Dose Vaccine) के रूप में काम करेगी।
त्यौहारी सीजन और पूजा से पहले स्वास्थ्य विभाग सतर्क
वैक्सीन के आने से पहले वर्तमान में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर में निगरानी बढ़ा दी है। आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिन्हित कर टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए राज्य के 85 ब्लॉकों, 278 ग्राम पंचायतों और 29 नगर पालिकाओं को डेंगू हॉटस्पॉट घोषित किया है। इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और पूजा आयोजकों के साथ मिलकर पंडालों में मच्छरजनित परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
2027 में डेंगू से मिलेगी बड़ी राहत की उम्मीद
यदि तीसरे चरण के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे और नियामक निकायों की मंजूरी समय पर मिल जाती है, तो वर्ष 2027 में मानसून के साथ आने वाले डेंगू के खतरे से निपटने के लिए आम लोगों के पास बचाव का एक बेहद मजबूत और प्रभावी हथियार होगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह वैक्सीन न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर डेंगू नियंत्रण में क्रांतिकारी कदम साबित होगी।