देउचा: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के देउचा इलाके में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने मीनार मंडल के घर पर छापेमारी के दौरान करीब 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया। बरामदगी के बाद घर के मालिक मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार की ओर से सामने आए बयान ने पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है।
घर से मिली करोड़ों की नकदी और भारी मात्रा में सोना
पुलिस को छापेमारी के दौरान घर के भीतर से बड़ी मात्रा में नकद रुपये और सोना मिला। इतनी बड़ी बरामदगी के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। शुरुआती जांच में पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह संपत्ति किसकी है और इसे घर में किस उद्देश्य से रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की पूरी जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
मीनार मंडल गिरफ्तार, जांच तेज
बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने घर के मालिक मीनार मंडल को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी रकम और सोना कहां से आया, क्या इसका संबंध किसी अवैध कारोबार से है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस इस मामले में आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
पत्नी और बेटे ने किया चौंकाने वाला दावा
मीनार मंडल की पत्नी और बेटे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस पैसे और सोने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि परिवार को कभी इतनी बड़ी रकम के बारे में कुछ पता नहीं चला। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि मीनार मंडल खुद भी इस रकम के बारे में कुछ नहीं जानते थे। परिवार के इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
सबसे बड़ा सवाल – आखिर किसका है यह पैसा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर परिवार के मुताबिक किसी को इस रकम की जानकारी नहीं थी, तो आखिर करोड़ों रुपये और 15 किलो सोना घर तक पहुंचा कैसे। क्या यह किसी और का पैसा था, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और जल्द ही कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।