कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक हालात, आगामी कोलकाता नगर निगम चुनाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने खुलकर अपनी बात रखी। टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के घर मुख्यमंत्री के जाने और लक्ष्मी पूजा का प्रसाद ग्रहण करने पर उठे सवालों को उन्होंने पूरी तरह से सांस्कृतिक सौहार्द बताया। दिलीप घोष ने कहा कि त्योहारों के दौरान सभी राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के घर जाना और शुभकामनाएं देना ही बंगाल की वास्तविक परंपरा रही है। इसमें किसी भी तरह की दलगत राजनीति तलाशना अनुचित है।
त्योहारी सौजन्य और बंगाल के समग्र विकास का आह्वान
सुदीप बंद्योपाध्याय के आवास पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी को राजनीतिक शिष्टाचार करार देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पूजा के दिनों में कौन किस पार्टी में है, इसका कोई महत्व नहीं रह जाता। जब कोई आत्मीयता से बुलाता है, तो सभी को जाना चाहिए क्योंकि उत्सव समाज के हर वर्ग को आपस में जोड़ता है। वहीं, निकाय चुनावों में भाजपा को समर्थन मिलने के संकेतों पर उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास के लिए तमाम दल साथ आए हैं, बंगाल में भी वही धारा बहनी चाहिए। राज्य में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए डबल इंजन सरकार की जरूरत है, ताकि केंद्र की योजनाओं का सीधा लाभ बंगाल के आम नागरिकों तक पहुंचे।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार: राष्ट्रवाद और सनातन संस्कारों पर बल
स्कूलों में प्राथमिक स्तर से ही वाद-विवाद, क्विज और राष्ट्रवाद के पाठ शुरू करने तथा पास-फेल प्रणाली की पुनर्बहाली पर दिलीप घोष ने कहा कि ब्रिटिश काल से चले आ रहे विकृत इतिहास ने समाज की सोच को प्रभावित किया है। अब समय आ गया है कि बच्चों को देश के महापुरुषों के त्याग, बलिदान, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से परिचित कराया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी सोच से ही भावी पीढ़ी देशप्रेमी बनेगी। एसआरएफटीआई (SRFTI) में हुए छात्र आंदोलन पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने साफ किया कि आंदोलन के नाम पर शिक्षण संस्थानों में उपद्रव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। राज्य की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार 50 हजार शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर काम कर रही है।
विपक्ष पर तीखे प्रहार और कानून-व्यवस्था पर स्पष्ट संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई विवादित टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र और राजनीतिक हताशा के चलते कांग्रेस नेतृत्व अमर्यादित बयानबाजी कर रहा है। राहुल गांधी के आंदोलन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में आम जनता अपने उल्लास में व्यस्त है और विपक्ष के आधारहीन बयानों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सरकारी अधिकारियों और पुलिस के माध्यम से धमकाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष होकर काम कर रहे हैं, तो समाजविरोधी तत्वों के अलावा किसी आम नागरिक को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में फैले कथित 'थ्रेट कल्चर' और हालिया विवादों पर उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में छात्रों और परीक्षाओं को प्रभावित करने वाला एक सिंडिकेट सक्रिय था, जिसकी आदतें अब भी कुछ लोगों में बाकी हैं। गायघाटा और आमडांगा जैसी संवेदनशील जगहों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस जांच कर सख्त कदम उठा रही है। आगामी कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा के ड्रॉपबॉक्स में जनता और कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और पार्टी सभी वार्डों में जीत दर्ज कर नगर निगम में बदलाव लाएगी।