कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। शुक्रवार तड़के आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने रासबिहारी से निवर्तमान विधायक और टीएमसी प्रत्याशी देबाशिस कुमार के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई केवल देबाशिस के घर तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच की आंच उनके ससुराल तक भी पहुंच गई है।
भोर 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई
केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ आयकर अधिकारी शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे मनोहरपुकुर रोड स्थित देबाशिस कुमार के आवास पर पहुंचे। इसके कुछ घंटों बाद, सुबह करीब 7:30 बजे अधिकारियों की एक टीम विधायक की सास के फ्लैट पर भी पहुंची। स्थानीय स्तर पर 'देबा दा का फ्लैट' के नाम से मशहूर इस बहुमंजिला इमारत के पांचवें तल पर सघन तलाशी ली जा रही है। विधायक के चुनावी कार्यालय और पास के एक पार्टी ऑफिस में भी दस्तावेजों की जांच की गई।
ED के बाद अब IT के रडार पर
देबाशिस कुमार पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसी ED के रडार पर रहे हैं। राज्य में चुनाव की घोषणा के बाद उन्हें कम से कम तीन बार तलब किया गया था, जिनमें से दो बार वे पूछताछ के लिए साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स भी गए थे। यह मामला एक कंपनी द्वारा जमीन कब्जे की जांच से जुड़ा है, जिसके तार देबाशिस से जुड़ते दिख रहे हैं।
ममता के करीबियों पर भी शिकंजा
देबाशिस के अलावा, आयकर विभाग ने दक्षिण कोलकाता के प्रभावशाली नेता कुमार साहा के कालीघाट स्थित आवास पर भी छापा मारा है। कुमार साहा को सुब्रत बख्शी और देबाशिस कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। साथ ही, भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार के प्रस्तावक और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'करीबी' मिराज शाह के घर पर भी केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी जारी है।
इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने चुनाव से ठीक पहले बंगाल की राजनीति में 'एजेंसी बनाम सरकार' की बहस को फिर से तेज कर दिया है।