रानीगंज: बर्धमान-दुर्गापुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति झा आजाद के खिलाफ पश्चिम बंगाल के रानीगंज थाने में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर आपराधिक षडयंत्र, गंभीर आपराधिक धमकी, झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाकर पैसे वसूलने और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। रानीगंज हिल बस्ती निवासी राहुल घोष ने सांसद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में 15 लाख रुपये की कथित मांग और एचपी गैस उप-डीलरशिप का कारोबार बंद कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। मामले में सांसद के अलावा उनके चार सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। वहीं, अब इस पूरे प्रकरण की जांच सीआईडी कर रही है।
सांसद समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR
राहुल घोष की शिकायत के आधार पर रानीगंज थाने में केस संख्या 352/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में कीर्ति झा आजाद समेत कुल पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में सांसद के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) मनोहर सिंह, ठेकेदार और कथित संपर्क व्यक्ति विश्वजीत चटर्जी शामिल हैं। इसके अलावा सांसद के प्रतिनिधि स्वराज घोष और निजी सहायक पुरुषोत्तम को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें आपराधिक षडयंत्र, धमकी और जबरन वसूली से संबंधित धाराएं शामिल हैं। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं भी प्राथमिकी में लगाई गई हैं।
15 लाख रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता राहुल घोष ने सांसद पर 15 लाख रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, 21 मई 2025 को सांसद के पीएसओ मनोहर सिंह ने राहुल घोष को फोन किया था। इसके बाद राहुल घोष ने दुर्गापुर स्थित सांसद के बंगले पर जाकर उनसे मुलाकात की। आरोप है कि इस मुलाकात के दौरान कीर्ति झा आजाद ने एचपी गैस की उप-डीलरशिप का कारोबार बंद करने का दबाव बनाया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई। इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे इकट्ठा करने का निर्देश देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
निर्देश नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी का दावा
राहुल घोष ने अपनी शिकायत में सांसद के सहयोगियों पर गंभीर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर सांसद के चार सहयोगियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। राहुल घोष ने 30 मई 2025 की बातचीत से संबंधित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग अपने पास होने की बात भी कही है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रिकॉर्डिंग मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। पुलिस और जांच एजेंसी अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। हालांकि, ऑडियो रिकॉर्डिंग की वास्तविकता और उसमें मौजूद बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। मामले में सांसद की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CID ने संभाली मामले की जांच
रानीगंज थाने में शुक्रवार रात प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार को मामले की जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली। अब सीआईडी की टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसी शिकायतकर्ता के बयान, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है। इसके साथ ही नामजद आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं। प्राथमिकी में लगाई गई विभिन्न धाराओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस और सीआईडी की जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रानीगंज थाने में किसी सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
सांसद का पक्ष सामने आना बाकी
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से सांसद कीर्ति झा आजाद और उनके सहयोगियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इन्हें अदालत या जांच एजेंसी द्वारा साबित किया जाना बाकी है। खबर के अनुसार, सांसद का पक्ष जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में मामले पर उनका आधिकारिक जवाब सामने आना अभी बाकी है। सीआईडी की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।