कोलकाता: कोलकाता के खेल प्रेमियों और फुटबॉल के दीवानों के लिए एक बेहद दिलचस्प और गर्व करने वाली खबर सामने आ रही है। एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लबों में से एक, 'मोहन बागान एथलेटिक क्लब' (Mohun Bagan Athletic Club) ने मैदान इलाके में अपने क्लब टेंट के पास बनने वाले नए मेट्रो स्टेशन का नामकरण अपने नाम पर करने की मांग उठाई है। 'सबुज-पलायन' (हरे-मैरून) क्लब के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर मेट्रो रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर आगामी स्टेशन का नाम "मोहन बागान मेट्रो स्टेशन" रखने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही, क्लब प्रबंधन ने इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह (Arjun Singh) को भी एक पत्र सौंपा है, ताकि इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जा सके।
ईडन गार्डन्स स्टेशन का नाम बदलने का है प्रस्ताव
कोलकाता मेट्रो की निर्माणाधीन जोका से धर्मतला (पर्पल लाइन) रूट के तहत यह नया स्टेशन बनने जा रहा है। तय रूट के मुताबिक, यह पर्पल लाइन मेट्रो मोमिनपुर और विक्टोरिया मेमोरियल होते हुए ईडन गार्डन्स और फिर धर्मतला (एस्प्लेनेड) तक पहुंचेगी। पहले इस स्टेशन का नाम 'ईडन गार्डन्स मेट्रो स्टेशन' रखने की योजना थी।लेकिन, 1889 में स्थापित हुए और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1911 में ऐतिहासिक आईएफए शील्ड (IFA Shield) जीतकर राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बने मोहन बागान क्लब ने ऐतिहासिक मैदान क्षेत्र के साथ अपने जुड़ाव को देखते हुए इस स्टेशन का नाम अपने नाम पर करने की पुरजोर मांग की है।

परिवहन विभाग से पहल करने का अनुरोध
क्लब द्वारा साझा किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, मोहन बागान ने शुरुआत में इस नामकरण के लिए रेल मंत्रालय से संपर्क किया था। इसके जवाब में, कोलकाता मेट्रो रेलवे के 'प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशंस मैनेजर के कार्यालय' ने क्लब को सूचित किया कि स्थापित नियमों के अनुसार, किसी भी नए स्टेशन के नामकरण या नाम बदलने का प्रस्ताव पश्चिम बंगाल सरकार के परिवहन विभाग द्वारा शुरू किया जाना अनिवार्य है।
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह को लिखे पत्र में क्लब ने स्पष्ट किया है कि माननीय परिवहन मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद ही इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इस फाइल को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए उचित केंद्रीय अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। क्लब प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि करोड़ों समर्थकों की भावनाओं और खेल इतिहास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।