कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी अपने राजनीतिक रुख पर पूरी तरह अडिग हैं। शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर वोट लूटकर सत्ता में आने का दोबारा आरोप लगाया, बल्कि टीएमसी के बागी खेमे को भी कड़े शब्दों में आड़े हाथों लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष रूप से बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा पर निशाना साधते हुए सवाल किया, "क्या आप लोग दो महीने का धैर्य भी नहीं रख सके?"
'असली तृणमूल' के दावे पर पलटवार
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस दो धड़ों में बंट चुकी है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने खुद को 'असली तृणमूल' बताते हुए अलग खेमा बना लिया है, जिसे विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में मान्यता भी मिल चुकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बागी गुट अब चुनाव आयोग से पार्टी के सिंबल (प्रतीक चिन्ह) पर भी दावा ठोक सकता है।
इस पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा: "गद्दारी करने की भी एक सीमा होनी चाहिए। आप लोग अब सीधे तौर पर बीजेपी की राजनीति कर रहे हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि आप काम बीजेपी के लिए करें और नाम तृणमूल का इस्तेमाल करें। अगर हिम्मत है, तो सीधे बीजेपी में शामिल हो जाइए।"
मुख्य चुनाव आयुक्त को घेरा, कहा- 'वैनिश कुमार' भी कुछ नहीं कर पाएंगे
पार्टी के सिंबल को लेकर चल रही खींचतान पर ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को 'वैनिश कुमार' कहकर संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके तृणमूल को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।
ममता ने कहा, "मैं जानती हूँ कि उन्हें पार्टी का प्रतीक नहीं मिलेगा। लेकिन अगर 'वैनिश कुमार' बाबू हमारी पार्टी को खत्म करने के लिए उन्हें सिंबल दे भी देते हैं, तो भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। जरूरत पड़ी तो मैं गले में प्रतीक लटकाकर जनता के बीच जाऊँगी। प्रतीक वही है जिसे जनता और तृणमूल के कार्यकर्ता स्वीकार करते हैं।"
"मुझे रोकना है तो मार डालना होगा"
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को असली ताकत बताया। उन्होंने साफ किया कि वह राजनीति से पीछे हटने वाली नहीं हैं और न ही उन्हें कोई नियंत्रित कर सकता है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "मैं कहीं नहीं जा रही हूँ। अगर मुझे रोकना है, तो मुझे मार डालना होगा।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के अंदरूनी कलह अब चरम पर पहुंच चुकी है। एक तरफ बागी गुट कानूनी और सांगठनिक रूप से खुद को स्थापित करने में जुटा है, वहीं ममता बनर्जी के इस आक्रामक रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में पार्टी के सिंबल और संगठन पर नियंत्रण की यह लड़ाई और तेज होने वाली है।