नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से राज्य की जनता को संबोधित किया। पारंपरिक बंगाली वेशभूषा (धोती-कुर्ता) में नजर आए पीएम मोदी ने लगभग पौने एक घंटे के भाषण में 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को दोहराते हुए राज्य के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप पेश किया।
पहली कैबिनेट में 'आयुष्मान भारत' को मंजूरी
पीएम मोदी ने बंगाल की जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 'आयुष्मान भारत' योजना को हरी झंडी दे दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केंद्र और राज्य के टकराव के कारण बंगाल की जनता किसी भी केंद्रीय योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।
रोजगार और महिला सुरक्षा प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा:
युवा शक्ति: बंगाल के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े।
नारी शक्ति: राज्य में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना नई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
अनुप्रवेश पर लगाम: सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
"बदला नहीं, बदलाव की राजनीति"
बंगाल में राजनीतिक हिंसा के इतिहास पर कड़ा प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, "अब बंगाल में बदला नहीं, बल्कि बदलाव की बात होगी। डर की जगह भविष्य की चर्चा होगी।" उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस बार के चुनावों में लोकतंत्र की जीत हुई और हिंसा की खबरें न्यूनतम रहीं।
"आज से पश्चिम बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है, जहाँ विकास और अटूट विश्वास कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। बंगाल में अब गोलियों की गूंज नहीं, बल्कि जनता की आवाज सुनाई देगी।" - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी