कोलकाता: कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन (प्रशिक्षण) कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जनसेवा के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और हर विधायक का दायित्व उस विश्वास को बनाए रखना है।
'आलोचना सुनना ही लोकतंत्र की असली ताकत'
ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनप्रतिनिधियों को आलोचना से घबराना नहीं चाहिए। यदि विपक्ष किसी वास्तविक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, तो उसे गंभीरता से सुनकर समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारों को सम्मान देने से बेहतर नीतियां बनती हैं और जनता का भरोसा मजबूत होता है।
नारेबाजी नहीं, तथ्यों से रखें अपनी बात
लोकसभा अध्यक्ष ने नए विधायकों से कहा कि सदन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तथ्यों, तर्कों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल हंगामा, नारेबाजी और व्यवधान से कोई बड़ा नेता नहीं बनता, बल्कि शांत, गंभीर और रचनात्मक बहस ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का आह्वान
उन्होंने कहा कि विधायक केवल अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं होते, बल्कि पूरे राज्य के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए हर जनप्रतिनिधि को जनता की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए और विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
विकसित भारत 2047 में बंगाल की बड़ी भूमिका
ओम बिरला ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का विकास राज्यों की प्रगति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर देश को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विधायकों से राज्य के समग्र विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
संसदीय प्रक्रियाओं का दिया गया प्रशिक्षण
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायकों को संसदीय परंपराएं, विधायी प्रक्रिया, समिति प्रणाली, वित्तीय एवं बजटीय प्रक्रिया, कार्यपालिका की जवाबदेही, संसदीय विशेषाधिकार, आचार संहिता और डिजिटल विधायी पहलों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य नए जनप्रतिनिधियों को प्रभावी और जिम्मेदार विधायी कार्य के लिए तैयार करना था।
समापन समारोह में कई गणमान्य रहे मौजूद
समापन समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस, राज्य सरकार के मंत्री, विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष और सभी दलों के विधायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।