पूर्व बर्धमान: पूर्व बर्धमान जिले के तालित स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज के खिलाफ फर्जीवाड़े और अनियमितता की शिकायतों के बीच स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने सख्त कदम उठाया है। रविवार (23 अगस्त 2026) को जिला दौरा खत्म कर कोलकाता लौटते समय स्वास्थ्य मंत्री बिना किसी पूर्व सूचना के उस निजी अस्पताल में जा पहुंचे, जिसके आधार पर इस मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जा रहा था। अस्पताल के रिसेप्शन में खड़े होकर ही मंत्री ने अधिकारियों को फोन लगाया और 24 घंटे के भीतर उस मेडिकल कॉलेज से अपने सभी संबंध समाप्त करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया।
अस्पताल रिसेप्शन से मंत्री का कड़ा रुख और अल्टीमेटम
स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने अस्पताल में रुककर सीधे फोन पर कहा, "आपके साथ उस मेडिकल कॉलेज का क्या रिश्ता है? आप उन्हें विशेष छूट क्यों दे रहे हैं? उनके खिलाफ जालसाजी, जबरन वसूली और शिक्षा व्यवस्था में भारी अनियमितता की कई शिकायतें मिली हैं। आप 24 घंटे के भीतर, यदि संभव हो तो आज रात ही पत्र जारी कर सूचित करें कि आपका उनसे अब कोई संबंध नहीं है। इसकी एक प्रति एमसीआई (MCI) और स्वास्थ्य विभाग को भी भेजी जाए।"
संस्थापक की मौत के बाद फर्जी हस्ताक्षर और धोखाधड़ी के आरोप
उल्लेखनीय है कि इस मेडिकल कॉलेज के पास खुद का अस्पताल नहीं था, बल्कि 200 से अधिक बेड वाले एक दूसरे निजी अस्पताल को दिखाकर छात्रों का दाखिला लिया जा रहा था। हाल ही में इस मेडिकल कॉलेज के संस्थापक मालिक के निधन के बाद उनकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि उनके पति के जाली हस्ताक्षर कर संस्था में कई अनैतिक और गैर-कानूनी काम किए जा रहे हैं। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल काउंसिल में भी लिखित शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
उप-प्रिंसिपल का तुरंत इस्तीफा, प्रबंधन ने दिया सफाई का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री के सख्त निर्देश के बाद उस निजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. देबब्रत बनर्जी ने तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मंत्री के फोन के बाद उन्होंने कॉलेज के सभी पदों से हटने का फैसला कर लिया है। दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की सदस्य अनिंदिता दास ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री उनसे मिले थे और कुछ दस्तावेज पेश करने को कहा है। उन्होंने कहा कि बड़े संस्थानों के खिलाफ अक्सर शिकायतें दर्ज होती हैं और वे अपने सभी वैध कागजात स्वास्थ्य विभाग के समक्ष पेश करेंगे।