कोलकाता: राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र में बदमाशों के बढ़ते दबदबे को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि इलाके में अवैध रूप से गांजा और शराब की बिक्री का कारोबार चल रहा है। स्थानीय स्तर पर इसको लेकर कई बार शिकायतें भी की गई हैं। नारायणपुर थाने में कई शिकायतें पहुंचने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस पर वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डम्पी, आजाद और तापस चटर्जी के खिलाफ कई शिकायतें होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष है।
जगाड़ांगा में भाजपा कार्यालय बंद कराने का आरोप
मामला राजारहाट-नारायणपुर के जगाड़ांगा इलाके से सामने आया है। आरोप है कि पुलिस एक भाजपा पार्टी कार्यालय में पहुंची और कार्यालय को बंद करा दिया। इसके बाद दावा किया गया कि उक्त कार्यालय को माकपा के हवाले कर दिया गया। इस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। मामले को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद राजारहाट-न्यूटाउन के विधायक अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नारायणपुर थाने पहुंचे। थाने के बाहर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। विधायक ने पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
विधायक और एसीपी के बीच हुई लंबी बातचीत
विधायक के थाने पहुंचने के बाद स्थिति को संभालने के लिए राजारहाट-न्यूटाउन डिवीजन के एसीपी भी नारायणपुर थाने पहुंचे। एसीपी ने विधायक के साथ काफी देर तक बातचीत की। इस दौरान इलाके में बदमाशों के कथित दबदबे और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई। विधायक की ओर से शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग रखी गई। पुलिस पर लगाए गए वसूली के आरोपों का मुद्दा भी बातचीत में उठाया गया। पार्टी कार्यालय से जुड़े विवाद पर भी पुलिस अधिकारी के सामने सवाल रखे गए। एसीपी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेने की बात कही। साथ ही पुलिस की भूमिका को लेकर जांच का आश्वासन दिया गया।
विभागीय जांच के आश्वासन के बाद भी सियासी घमासान
पुलिस की भूमिका को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच एसीपी ने विभागीय जांच का आश्वासन दिया है। जांच के जरिए पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने की बात कही गई है। वहीं, विधायक और उनके समर्थक आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। मामले को लेकर इलाके में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल भी देखने को मिला। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। मामले में आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।