कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार ने कार्यभार संभालते ही एक्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को नवान्न (Nabanna) में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक संपन्न हुई, जिसमें राज्य की तस्वीर बदलने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू सहित अन्य नवनियुक्त मंत्री और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
कैबिनेट के 6 प्रमुख फैसले और घोषणाएं:
1. सरकारी नौकरियों में आयु सीमा वृद्धि: बंगाल के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए कैबिनेट ने सरकारी नौकरी पाने की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
2. आयुष्मान भारत की शुरुआत: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सोमवार से ही पश्चिम बंगाल केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना से जुड़ गया है। अब राज्य के नागरिक इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उठा सकेंगे।
3. BSF को जमीन हस्तांतरण: सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 45 दिनों के भीतर कटीले तार (Fencing) लगाने के लिए आवश्यक जमीन बीएसएफ को सौंपने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य की डेमोग्राफी बदल गई है, इसलिए सीमा सुरक्षा अनिवार्य है।"
4. जारी रहेंगी पुरानी सामाजिक योजनाएं: शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की कोई भी सामाजिक योजना (Social Projects) बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'अ-भारतीय' (Non-Indians) या मृत व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ अब नहीं मिलेगा।
5. नवान्न में 'गार्ड ऑफ ऑनर': मुख्यमंत्री के सचिवालय पहुँचने पर उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। मुख्य सचिव दुष्यंत नारिवाला और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने उनका स्वागत किया।
6. प्रशासनिक समीक्षा: कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं, ताकि प्रशासनिक कामकाज को गति दी जा सके।
"यह भाजपा की नहीं, बंगाल की सरकार है"
साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा, "यह सरकार भाजपा की सरकार नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल राज्य की सरकार होगी। सरकार का काम संकल्प पत्र को लागू करना है, जबकि प्रशासन अपने नियमों के अनुसार चलेगा।"