कोलकाता : पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी और दलाल मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार सुबह नबन्ना (सचिवालय) जाने के रास्ते में मुख्यमंत्री अचानक साल्टलेक स्थित स्वास्थ्य भवन (Swasthya Bhawan) पहुंच गए। इस 'सरप्राइज विजिट' के दौरान उन्होंने वहां नवनिर्मित अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का बारीकी से निरीक्षण किया। इस कंट्रोल रूम के जरिए अब सीधे स्वास्थ्य भवन से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) के जरिए लाइव नजर रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस लाइव मॉनिटरिंग का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों को 'दलाल चक्र' से पूरी तरह मुक्त करना है। पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय अस्पतालों में दलालों का राज था, जिस पर सिर्फ बयानबाजी हुई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। नई सरकार पहले दिन से ही इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैसे काम करेगा लाइव कंट्रोल रूम?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने समझाया कि कंट्रोल रूम से दलालों को कैसे पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, "मरीज रोज-रोज अस्पताल नहीं आते। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति अस्पताल के इमरजेंसी, आउटडोर या अन्य हिस्सों में लगातार दो-तीन दिन घूमता हुआ दिखाई देगा, तो लाइव मॉनिटरिंग के जरिए उसे तुरंत चिन्हित कर पुलिसिया कार्रवाई की जाएगी। कोई मरीज लगातार दो दिन अल्ट्रासोनोग्राफी कराने तो नहीं आएगा।" फिलहाल राज्य के 15-16 जिला व सरकारी अस्पतालों को इस डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया जा चुका है। अस्पताल कर्मियों की पहचान स्पष्ट करने के लिए नर्स, सुरक्षा गार्ड और ट्रॉली चालकों के लिए अलग-अलग रंग के 'लैमिनेटेड बैज' पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
अस्पतालों में बुनियादी सुधार: SSKM में बढ़ेंगे ICU बेड
मुख्यमंत्री ने राज्य के शीर्ष अस्पताल एसएसकेएम (SSKM) के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए कहा कि वहां हाल ही में 100 बेड बढ़ाए गए हैं और दुर्गा पूजा से पहले 250 और बेड बढ़ाए जाएंगे। साथ ही, एसएसकेएम में आईसीयू (ICU) बेड की संख्या 112 से बढ़ाकर सीधे 200 से अधिक की जाएगी ताकि आम लोगों को मजबूरन महंगे प्राइवेट अस्पतालों में न जाना पड़े। इसके अलावा, तारातला जैसी हालिया आपदाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने माना कि राज्य में वर्तमान 'ट्रॉमा केयर' सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को ऐसी जगहें चिन्हित करने का निर्देश दिया है, जहां एक मिनट के भीतर 250 मरीजों को आपातकालीन प्राथमिक उपचार दिया जा सके। दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल परिसर में ही ₹25 लाख प्रति यूनिट के आवंटन से रैन बसेरे (नाइटर शेल्टर) बनाए जाएंगे।
मरीजों और बच्चों के भोजन बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2017 के बाद से अस्पतालों में मरीजों के भोजन के बजट में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। सुवेंदु सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मरीजों के तीन वक्त के भोजन का दैनिक आवंटन ₹54 से बढ़ाकर सीधे ₹110 (दोगुना से भी ज्यादा) कर दिया है। इसी तरह, प्राथमिक स्कूलों में मिड-डे मील का बजट बढ़ाकर ₹10, आईसीयू में भर्ती बच्चों के लिए ₹10 और आईसीडीएस (ICDS) परियोजना के तहत गर्भवती महिलाओं के पोषण भत्ते को बढ़ाकर ₹14 कर दिया गया है।
प्राइवेट अस्पतालों पर सख्ती और न्यूटाउन में अडानी ग्रुप का महा-प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिन प्राइवेट अस्पतालों ने सरकारी जमीन ली है, उन्हें अनुबंध के अनुसार 15% बेड गरीबों के लिए मुफ्त (Free Beds) रखने होंगे। पहले इस नियम की अनदेखी की जाती थी, लेकिन सरकार के कड़े रुख के बाद अस्पताल फिलहाल 10% बेड देने पर राजी हो गए हैं।
इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ी खुशखबरी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यूटाउन में अडानी समूह (Adani Group) के सहयोग से 2000 बेड का एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का अस्पताल बनने जा रहा है। इसकी अनुबंध प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ महीनों में भूमिपूजन होगा। सबसे खास बात यह है कि इस अस्पताल के 2000 में से 1000 बेड पूरी तरह से गरीब लोगों के मुफ्त इलाज के लिए आरक्षित रहेंगे।
भ्रष्टाचार की जांच में कोई ढिलाई नहीं
स्वास्थ्य विभाग में पूर्ववर्ती सरकार के समय हुए घोटालों और भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव और विभागीय मंत्रियों की मौजूदगी में साफ निर्देश दिया कि पुलिस जांच में स्वास्थ्य विभाग पूरा सहयोग करेगा। पुलिस कानून के मुताबिक जो भी फाइलें या दस्तावेज मांगेगी, बिना कुछ छुपाए तुरंत उन्हें सौंप दिया जाए।