कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों की यूनिफॉर्म और भवन के रंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के स्कूल अपनी परंपरा, इतिहास और स्थानीय पहचान के अनुसार यूनिफॉर्म और भवन का रंग स्वयं तय कर सकेंगे। इसके लिए किसी एक रंग को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा।
एक जैसी रंग योजना की बाध्यता खत्म
नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों पर एक समान रंग योजना लागू करने की बाध्यता नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि हर संस्थान की अपनी अलग पहचान और विरासत होती है, जिसे बनाए रखने का अवसर मिलना चाहिए।
नीला-सफेद रंग रखने पर कोई रोक नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल अपनी परंपरा या आवश्यकता के अनुसार नीले और सफेद रंग को बनाए रखना चाहता है, तो उस पर कोई रोक नहीं होगी। हालांकि यह पूरी तरह संबंधित स्कूल प्रबंधन के निर्णय पर निर्भर करेगा।
'विश्व बांग्ला' का लोगो नहीं लगाया जाएगा
नई नीति के तहत स्कूल भवनों या यूनिफॉर्म पर 'विश्व बांग्ला' का लोगो लगाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि आगे से किसी भी स्कूल को यह लोगो लगाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
संस्थानों की विरासत को मिलेगा महत्व
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य स्कूलों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना है। कई पुराने शिक्षण संस्थानों की अपनी विशिष्ट परंपराएं और रंग रहे हैं, जिन्हें अब फिर से अपनाने का अवसर मिलेगा।