कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई सरकार की ओर से कई स्तरों पर योजनाओं पर काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को एक पर्यटन पैकेज के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
‘लिटिल यूरोपियन गंगा’ से चंदननगर की विरासत को मिलेगा नया आयाम
शंकर घोष ने कहा कि रिवर टूरिज्म इसी योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत ‘लिटिल यूरोपियन गंगा’ को पर्यटन के नए उत्पाद के तौर पर सामने लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि डच, पुर्तगाली और फ्रांसीसी लोगों ने व्यापारिक गतिविधियों के दौरान इस क्षेत्र में अपनी बस्तियां और कई ऐतिहासिक इमारतें विकसित की थीं। इसके साथ ही यहां सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी हुआ।
फ्रांसीसी रजिस्ट्री भवन का होगा पुनर्निर्माण
मंत्री के मुताबिक चंदननगर की ऐतिहासिक विरासत, मंदिरों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को पर्यटन सर्किट में शामिल किया जाएगा। इसी दिशा में फ्रांसीसी दूतावास के साथ ऐतिहासिक फ्रांसीसी रजिस्ट्री भवन के पुनर्निर्माण को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
जिला-वार होगी पर्यटन की मैपिंग
शंकर घोष ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सभी जिलों की टूरिज्म मैपिंग की जा रही है। अधिकारियों की ओर से ऐसे पर्यटन स्थलों की पहचान की जा रही है, जिनके बारे में अभी लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है। जिला-वार पर्यटन मानचित्र प्रकाशित किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को नए डेस्टिनेशन के बारे में जानकारी मिल सके।
दुर्गा पूजा को ग्लोबल स्तर पर प्रमोट करने की तैयारी
आगामी दुर्गा पूजा को लेकर भी सरकार की बड़ी योजना है। शंकर घोष ने कहा कि दुर्गा पूजा को वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार इसे दुनिया के सामने एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव और कार्निवल के रूप में पेश करने की दिशा में काम किया जा रहा है।