कोलकाता: पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को विधानसभा में घोषणा की गई कि यूसीसी विधेयक का मसौदा 2 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद विधेयक को विधानसभा में लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी ड्राफ्ट कमेटी की अगुवाई
घोषणा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई यूसीसी का मसौदा तैयार करने वाली समिति की अध्यक्ष होंगी। समिति द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट को पहले कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा और बाद में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
क्या है यूसीसी का उद्देश्य?
प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानूनों की जगह एक समान कानून लागू करना है। सरकार का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
सरकार का दावा- महिलाओं को मिलेगा अधिक संरक्षण
सरकार का मानना है कि यूसीसी लागू होने से लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही नागरिक कानूनों में समानता लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगा।
विपक्ष का विरोध, सरकार बहुमत के भरोसे
यूसीसी को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस कदम का विरोध किया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि सदन में बहुमत होने के कारण वह इस विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इसे कानून का रूप देने की दिशा में कार्रवाई करेगी।