मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों का आकलन कर रहे हैं। हालांकि फेड ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन वर्ष के दौरान दरों में बढ़ोतरी की संभावना बरकरार रखी है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 59 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,095.99 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, एनएसई निफ्टी 8.75 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 24,076.95 पर पहुंच गया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सतर्क रुख अपनाते नजर आए।
आईटी शेयरों पर दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.70 प्रतिशत टूट गया। वहीं दूसरी ओर कुछ सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.25 प्रतिशत और निफ्टी केमिकल्स 0.21 प्रतिशत मजबूती के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में आईटी कंपनियां सबसे आगे रहीं। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयरों में कमजोरी देखी गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।
फेड के रुख का सीमित असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है, लेकिन यह भी संकेत दिया है कि महंगाई अभी उसके 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फेड की मौजूदा नीति का भारतीय शेयर बाजार पर बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.64 प्रतिशत टूटकर 78.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत रहा। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इसके अलावा इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करते रहे।
अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में रहे। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 इंडेक्स में 1.21 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों में देखने को मिल रहा है।