NPCI डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और सरल बनाने के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है। इस सुविधा के लागू होने के बाद उपयोगकर्ता विभिन्न यूपीआई प्लेटफॉर्म पर बनाए गए अपने सभी सक्रिय e-Mandates और AutoPay निर्देशों को एक ही जगह देख सकेंगे। इससे बार-बार अलग-अलग ऐप्स में जाकर सब्सक्रिप्शन या ऑटो डेबिट भुगतान की जानकारी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सभी UPI ऐप्स पर मिलेगी एकीकृत जानकारी
नया सिस्टम लागू होने के बाद PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे लोकप्रिय यूपीआई ऐप्स पर उपयोगकर्ताओं को अपने सभी सक्रिय ऑटो-पे निर्देशों की सूची दिखाई देगी। चाहे कोई मैंडेट किसी भी प्लेटफॉर्म पर बनाया गया हो, उसकी जानकारी एक केंद्रीकृत इंटरफेस के माध्यम से उपलब्ध होगी। इससे मासिक बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम और ईएमआई जैसी नियमित भुगतान सेवाओं की निगरानी आसान हो जाएगी।
NPCI तैयार कर रहा है नया API सिस्टम
डिजिटल पेमेंट उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार NPCI एक विशेष एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) विकसित कर रहा है। यह API सभी यूपीआई ऐप्स को एक साझा व्यवस्था से जोड़ेगा, जिससे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बने मैंडेट्स की जानकारी एक स्थान पर प्रदर्शित की जा सकेगी। इस कदम का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को अपने वित्तीय दायित्वों की स्पष्ट और समग्र जानकारी उपलब्ध कराना है।
रद्द या संशोधन के लिए मूल ऐप पर जाना होगा
हालांकि यह सुविधा केवल जानकारी देखने तक सीमित नहीं होगी, लेकिन किसी e-Mandate को रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए उपयोगकर्ता को उसी ऐप का उपयोग करना होगा जहां से वह मैंडेट मूल रूप से बनाया गया था। अन्य यूपीआई ऐप्स केवल संबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए रीडायरेक्ट करेंगे। इससे सुरक्षा और नियंत्रण की मौजूदा व्यवस्था बनी रहेगी।
तेजी से बढ़ रहा है UPI AutoPay का इस्तेमाल
देश में यूपीआई ऑटोपे सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में देश के शीर्ष 10 बैंकों ने लगभग 1.6 अरब e-Mandate ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के 57.7 करोड़ ट्रांजैक्शनों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। यह वृद्धि दर्शाती है कि उपभोक्ता अब नियमित भुगतानों के लिए ऑटोमेटेड डिजिटल सिस्टम पर तेजी से भरोसा कर रहे हैं।
इन बैंकों के खातों से हो रहे सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन
ऑटोपे ट्रांजैक्शनों में State Bank of India, Airtel Payments Bank और Bank of Baroda के खाताधारकों की भागीदारी सबसे अधिक देखी जा रही है। इन बैंकों के माध्यम से बड़ी संख्या में सब्सक्रिप्शन, बिल भुगतान और अन्य आवर्ती लेनदेन संचालित किए जा रहे हैं।
सफलता दर बढ़ाना अब भी बड़ी चुनौती
ऑटोपे सेवाओं के विस्तार के बावजूद ट्रांजैक्शन सफलता दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार SBI से जुड़े AutoPay लेनदेन में लगभग 30 प्रतिशत ट्रांजैक्शन ही सफल हो पाते हैं। शेष भुगतान अपर्याप्त बैलेंस, तकनीकी समस्याओं या अन्य परिचालन कारणों से विफल हो जाते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ सफलता दर सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिक नियंत्रण
नया फीचर लागू होने के बाद उपयोगकर्ता आसानी से देख सकेंगे कि उनके खाते से कौन-कौन से भुगतान स्वचालित रूप से कट रहे हैं। इससे अनावश्यक सब्सक्रिप्शन पहचानने, खर्चों पर नियंत्रण रखने और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल भुगतान के बढ़ते दायरे में यह कदम उपयोगकर्ता अनुभव को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।