नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के पालन में लापरवाही पर सख्त कदम उठाते हुए केनरा बैंक पर ₹41.8 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई KYC नियमों के उल्लंघन और खातों को गलत तरीके से इनऑपरेटिव घोषित करने के मामलों में की गई है।
KYC डेटा समय पर अपलोड नहीं किया गया
RBI की जांच में पाया गया कि बैंक ने कई ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड तय समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड नहीं किए। नियमों के अनुसार, सभी बैंकों के लिए जरूरी है कि वे नए और मौजूदा ग्राहकों का KYC डेटा समय पर अपडेट करें, ताकि धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ी को रोका जा सके।
एक्टिव खातों को बताया इनऑपरेटिव
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक ने ऐसे कई खातों को इनऑपरेटिव घोषित कर दिया जिनमें पिछले एक वर्ष के भीतर लेनदेन हुआ था। RBI के नियमों के अनुसार, जिन खातों में ट्रांजैक्शन होता है उन्हें एक्टिव माना जाता है, लेकिन बैंक ने इस गाइडलाइन का सही पालन नहीं किया।
कैसे सामने आया मामला
यह मामला RBI के सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन (ISE 2025) के दौरान सामने आया। 31 मार्च 2025 तक बैंक की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की गई थी। जांच में खामियां मिलने के बाद RBI ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जवाब के आधार पर जुर्माने का निर्णय लिया।
ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन की कमी के कारण की गई है।
ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है
बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी
किसी भी लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
RBI की यह कार्रवाई बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता और नियमों के पालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सभी बैंकों को KYC और ग्राहक डेटा मैनेजमेंट में अधिक सतर्क रहने का संदेश मिला है।