उत्तर भारत में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार शाम से दिल्ली-NCR, राजस्थान, हरियाणा और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि बिहार में भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि 26 जुलाई तक उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे कई स्थानों पर जलभराव, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, कई चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और सक्रिय मानसूनी ट्रफ जैसी मौसमीय प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं।
दिल्ली-NCR में 26 जुलाई तक बारिश का दौर
सोमवार शाम से दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश ने उमस से राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में-
मध्यम से भारी बारिश,
गरज-चमक,
बिजली गिरने की संभावना,
40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
हरियाणा में फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं-
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area)
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिहार में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में ज्यादा असर
जिले
गया
नवादा
पश्चिम चंपारण
पटना
नालंदा
वैशाली
अन्य आसपास के जिले
मौसम विभाग ने लोगों से आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है। राज्य में वज्रपात से 6 लोगों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
राजस्थान में दो सप्ताह बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
करीब दो सप्ताह की सुस्ती के बाद राजस्थान में मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने-
33 जिलों में येलो अलर्ट
अगले तीन दिनों तक बारिश
कई स्थानों पर तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है। इससे किसानों और जलस्रोतों को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।
आखिर अचानक क्यों बदला मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार बारिश में तेजी की वजह कई मौसमीय प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना है।
| मौसमीय प्रणाली | प्रभाव |
|---|---|
| पश्चिमी विक्षोभ | उत्तर भारत में बारिश बढ़ा रहा है |
| राजस्थान के पास चक्रवाती परिसंचरण | पश्चिमी भारत में नमी बढ़ी |
| पंजाब व उत्तर प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण | मानसून को मजबूती |
| मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसकी | दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में वर्षा सक्रिय |
इन सभी प्रणालियों के संयुक्त असर से उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार-
दिल्ली-NCR में 26 जुलाई तक बारिश की संभावना।
राजस्थान में अगले तीन दिन कई जिलों में अच्छी बारिश।
बिहार में भारी वर्षा और वज्रपात का खतरा।
हरियाणा और आसपास के राज्यों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में न रहें।
बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतें।
मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
FAQs
Q1. दिल्ली में बारिश कब तक जारी रह सकती है?
IMD के अनुसार 26 जुलाई तक दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
Q2. राजस्थान में कितने जिलों में अलर्ट जारी हुआ है?
राजस्थान के 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Q3. बिहार में किस बात का सबसे ज्यादा खतरा है?
भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) का खतरा बना हुआ है। राज्य में वज्रपात से 6 लोगों की मौत की सूचना है।
Q4. मौसम में बदलाव की मुख्य वजह क्या है?
पश्चिमी विक्षोभ, कई चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून फिर सक्रिय हुआ है।