उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। प्रदेश की चार तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हो गई हैं, जबकि 42 गांवों पर बाढ़ का असर दर्ज किया गया है। प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। राज्य सरकार के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए 1,400 राहत चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और 55 नाव एवं मोटरबोट बचाव कार्य में लगाई गई हैं।
किन जिलों में बाढ़ का असर?
फिलहाल जिन जिलों की तहसीलें बाढ़ से प्रभावित बताई गई हैं, उनमें शामिल हैं-
| जिला | स्थिति |
|---|---|
| बलिया | एक तहसील प्रभावित |
| मुजफ्फरनगर | एक तहसील प्रभावित |
| लखीमपुर खीरी | एक तहसील में बाढ़ जैसे हालात |
| गौतमबुद्धनगर | एक तहसील प्रभावित |
इन चार तहसीलों के 42 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए है।
राहत और बचाव के लिए क्या इंतजाम?
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
1,400 राहत चौकियां सक्रिय की गई हैं।
55 नाव और मोटरबोट राहत एवं रेस्क्यू कार्य में लगाई गई हैं।
संवेदनशील गांवों में प्रशासन और आपदा राहत दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता क्या है?
राज्य सरकार का फोकस प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुंचाने, सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने पर है। स्थानीय प्रशासन को जलस्तर पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
नदी, नालों और तेज बहाव वाले स्थानों के पास न जाएं।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन टीम से तुरंत संपर्क करें।