मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े नुकसान के साथ खुले और दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट
आज के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 821 अंकों की गिरावट के साथ 73,421 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 286 अंकों की गिरावट के साथ 23,080 पर ओपन हुआ। बाद में भी बाजार में कमजोरी जारी रही और सेंसेक्स करीब 750 अंक तक नीचे कारोबार करता दिखा। निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 23,100 के आसपास पहुंच गया। इस गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी ला दी है।
मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष की खबरों ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। ईरान द्वारा मिसाइल हमले और इजराइल की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ गई है।
सेक्टोरल दबाव: आईटी, मेटल और रियल्टी शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। इन सेक्टरों में भारी बिकवाली के कारण पूरे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी निवेशक (FII) सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे उभरते बाजारों में दबाव बढ़ जाता है। इसी कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट और तेज हो गई।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स क्या संकेत देते हैं
बाजार विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए कई महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बनाए गए हैं। सपोर्ट लेवल वे स्तर होते हैं जहां बाजार को नीचे गिरने से सहारा मिलता है और खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं रेजिस्टेंस लेवल पर बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है, जिससे बाजार ऊपर जाने में रुक जाता है। मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता अभी बनी हुई है।
पिछले सत्र में भी रहा दबाव
पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 116 अंकों की गिरावट के साथ 74,243 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 अंक गिरकर 23,366 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन भी मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई थी। लगातार दो सत्रों में गिरावट ने बाजार के मूड को कमजोर कर दिया है।