Bhopal: विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी में हारी सीटों की रणनीति अब केन्द्रीय पर्यवेक्षक तैयार करेंगे। दरअसल प्रदेश में करीब 70 ऐसी विधानसभा सीटें हैं। जिनमें कांग्रेस पार्टी पिछले कई चुनाव से लगातार हार रही है। हांलाकि एमपी कांग्रेस की ओर से बात करें तो उन हारी सीटों पर पीसीसी चीफ कमलनाथ लगातार सभाएं आयोजित कर रहे हैं।
केन्द्रीय पर्यवेक्षक करेंगे एमपी का दौरा
दूसरी ओर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी लगातार विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर हैं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। लेकिन अब केन्द्रीय नेतृत्व ने इन दोनों नेताओं के दौरों को नाकाफी बताते हुए केन्द्रीय पर्यवेक्षकों को एमपी भेजने की योजना बनाई है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक एमपी दौरे पर आएंगे और सभी हारी हुई सीटों का दौरा करेंगे।
हारे हुए क्षेत्रों में जाकर करेंगे बैठक
दिल्ली से आने के बाद केन्द्रीय पर्यवेक्षक हारी हुई सीटों पर जाएंगे जहां वो पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हारने की वजह का पता लगाएंगे साथ में पार्टी किस प्रकार से जीत सकती है उस विषय पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि अगर इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा तो आने वाले कई चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा। बात यहीं खत्म नहीं होती है।
कौन होगा कांग्रेस की तरफ से सीएम चेहरा?
एमपी कांग्रेस के पास वर्तमान में ऐसा कोई चेहरा भी नहीं है जिसके बल पर भविष्य की नींव तैयार की जा सके लिहाजा कांग्रेस पार्टी कमलनाथ के चेहरे पर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्थापित करना चाहती है उसके बाद कांग्रेस पार्टी एक नए चेहरे को प्रमोट करने का काम भी करेगी। हांलाकि पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह चाहते हैं कि उनके बेटे जयवर्धन को भविष्य का नेता के रुप में पार्टी तैयार करे क्योंकि उनमें काफी संभावनाएं हैं वो युवा हैं और पार्टी में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे सकते हैं। बांकी अन्य ऐसा कोई भी चेहरा पार्टी के पास नहीं है जो जनता के दिल तक पहुंच सके।
इन विषयों पर होगा मंथन
कांग्रेस पार्टी ने अजय सिंह (राहुल) कांतीलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव जैसे नेताओं पर विचार तो किया है लेकिन अंत में यही निष्कर्ष निकला कि अब यह नेता पार्टी की नैया पार लगाने में कारगर साबित नहीं होंगे लिहाजा कांग्रेस पार्टी ने कमलनाथ के साथ भविष्य के चेहरे पर अभी से विचार करना शुरु कर दिया है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक जब एमपी आएंगे तो भविष्य के नेता के रुप में कौन सा चेहरा ज्यादा सही होगा इस विषय पर भी मंथन करेगा अलग-अलग नेताओं के प्रभाव को भी देखा जाएगा और आंकलन कर उसकी रिपोर्ट केन्द्र को सौंपी जाएगी।
News By- Sandeep Mishra
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