मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के एक खुले संग्रहालय का मंगलवार को यहां राज्य सचिवालय परिसर में उद्घाटन किया। इस संग्रहालय में प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्रियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, राज्य के विकास में सभी दिवंगत मुख्यमंत्रियों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। सीएम शिवराज ने कहा कि, इस साल एक नवंबर को मध्य प्रदेश के गठन को 67 साल पूरे हो जायेंगे।
सीएम शिवराज ने दिवंगत मुख्यमंत्रियों के परिवारजनों का किया स्वागत
प्रदेश सरकार द्वारा विकसित इस खुले संग्रहालय में मध्य प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्रियों रविशंकर शुक्ल, भगवंतराव मंडलोई, कैलाश नाथ काटजू, द्वारिका प्रसाद मिश्र, गोविंद नारायण सिंह, राजा नरेश चंद्र, श्यामाचरण शुक्ल, प्रकाश चंद्र सेठी, कैलाश जोशी, वीरेंद्र सकलेचा, सुंदरलाल पटवा, अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा और बाबूलाल गौर की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिवंगत मुख्यंत्रियों के परिवारों का स्वागत किया गया।
स्थापित मूर्तियां हमारी भावनाओं का प्रतिबिम्ब: CM Shivraj
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब नया वल्लभ भवन बना तब ही भाव आया कि मध्य प्रदेश के निर्माण और विकास में जिन मुख्यमंत्रियों का योगदान रहा है, उनकी प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाया जाए। इसी सोच की परिणीति आज कार्यक्रम में हो रही है। समिति कक्ष में पहले से ही सभी महानुभावों की तस्वीरें लगी हैं, पर उस कक्ष में कम लोग ही जा पाते हैं। आज स्थापित मूर्तियां हमारी भावनाओं का प्रतिबिम्ब हैं।"
सीएम शिवराज ने दिवंगत मुख्यमंत्रियों के योगदान को किया याद
उन्होंने आगे कहा, "प्रदेश के विकास में इन विभूतियों के योगदान से हमें सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की राजनीति में राजनैतिक मतभेदों के बावजूद मन भेदों से दूर रहने की परम्परा रही है। मुख्यमंत्री पदों पर पहुंच कर लोग किसी पार्टी विशेष के नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के हो जाते हैं।" मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिवंगत मुख्यमंत्रियों के योगदान को याद किया।
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