उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर धाम में विराजमान नागचंद्रेश्वर देव मंदिर के पट एक साल बाद फिर खुलने जा रहे है। नाग पंचमी के मौके पर आज रात 12 बजे बाबा महाकाल के धाम में शिखर के तीसरे खंड में विराजमान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले जाएंगे। इसके बाद अगले 24 घंटे तक नागचंद्रेश्वर देव भक्तों को दर्शन देंगें। नागचंद्रेश्वर साल में एक बार दर्शन देते हैं। 10 लाख श्रद्धालुओं के पंहुचने का अनुमान है।
दर्शन टिकट ऑनलाइन मिलेंगे
24 घंटों के लिए भक्तों को नागचंद्रेश्वर दर्शन देंगे। देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान की एक झलक पाने को पहुंचते हैं। मंदिर में इस बार भक्तों को शीघ्र दर्शन सुविधा भी है। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन टिकट ऑनलाइन मिलेंगे। निशुल्क सुविधा भी रहेगी। पुलिस एवं प्रशासन की ओर से पूरी तैयारीयां की गई है। भगवान महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन की अलग-अलग लाइन लगेगी। पार्किंग के पास जूता स्टैंड होगा और वहीं से मंदिर के लिए निशुल्क बसे मिलेगी।
एक दिन के लिए यह मंदिर खुलता है
मान्यता है कि सर्पों के राजा तक्षक ने भोलेनाथ को प्रसन्न करने लिए घोर तपस्या की थी। इससे प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने उन्हें अमरत्व का वदान दिया था। इसके बाद नाग देवता ने शिवजी के साथ एक साथ एकांत में वास करने का फैसला किया। इसके बाद से यह मंदिर नाग देवता की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। आपको बता दें कि सालों से इस मंदिर की यही परंपरा रही है कि एक दिन के लिए यह मंदिर खुलता है। मान्यता है कि नाग देवता ने यह भी इच्छा जाहिर की थी कि महाकाल वन में वास करते हुए उनके एकांत में कोई विघ्न न हो। यही कारण है कि यह मंदिर साल भर बंद रहता है और सिर्फ नाग पंचमी के दिन खुलता है।
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