झारखंड के पास बना गहरे अवदाब का क्षेत्र आगे बढ़कर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूरे मध्य प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी है।
विशेषकर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में कई इलाकों में शनिवार-रविवार की रात अतिवृष्टि हुई। सबसे अधिक 235.4 मिलीमीटर (9 इंच से अधिक) वर्षा कटनी में हुई। बता दें कि इस सीजन में एक जून से चार अगस्त की सुबह साढ़े आठ बजे तक मप्र में 593.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (495.2 मिमी) की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।
झारखंड के पास बना गहरे अवदाब का क्षेत्र आगे बढ़कर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूरे मध्य प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी है। विशेषकर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में कई इलाकों में शनिवार-रविवार की रात अतिवृष्टि हुई। सबसे अधिक 235.4 मिलीमीटर (9 इंच से अधिक) वर्षा कटनी में हुई। बता दें कि इस सीजन में एक जून से चार अगस्त की सुबह साढ़े आठ बजे तक मप्र में 593.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (495.2 मिमी) की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।
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