भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने यादव समाज से आने वाले मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर एक साथ कई निशाने साधे हैं। मध्य प्रदेश ही नहीं, यादव बहुल उत्तर प्रदेश और बिहार को भी साध लिया है। इन राज्यों में यादव समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं। अगले वर्ष लोकसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 और बिहार में 40 सीटे हैं।
बिहार में वर्ष 2025 में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में, भाजपा संगठन ने यह संदेश दिया है कि पार्टी ओबीसी वर्ग में भी सभी समाज के लोगों को आगे लाना चाहती है। बता दें के इसके पहले उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान भी ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री थे, पर सभी अलग-अलग समाज से थे। अब बाबूलाल गौर के बाद यादव समाज के किसी नेता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिल सकता है लाभ
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें होने की वजह से केंद्र की सरकार बनाने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका होती है। यहां ओबीसी वर्ग की जनसंख्या 54 प्रतिशत है। इसमें लगभग 20 प्रतिशत यादव समाज के मतदाता हैं। यही वजह है कि सभी दल वहां यादव समाज के लोगों को साधने की कोशिश करते हैं। समाजवादी पार्टी से भी यादव समाज के लोगों का उत्तर प्रदेश में अच्छा जुड़ाव है। ऐसे में, मध्य प्रदेश का पड़ोसी राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में इसका लाभ भाजपा उठाना चाहती है। इसी तरह बिहार की कुल जनसंख्या में 14 प्रतिशत (1.86 करोड़) लोग यादव के समाज के हैं और ओबीसी आबादी 63 प्रतिशत है। इनके दम पर बिहार में लालू प्रसाद यादव अपनी पार्टी राजद की सरकार बनाते रहे हैं। चूंकि पार्टी अगले वर्ष होने वाले लोकसभा और फिर बिहार में विधानसभा चुनाव में मोहन यादव के माध्यम से यादव मतदाताओं को साधने की कोशिश करेगी।कई राज्यों में चौकाने वाला नाम दे चुका है भाजपा का शीर्ष नेतृत्व
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री के रूप में मध्य प्रदेश ही नहीं, पहले भी चौंकाने वाले नाम दिए हैं। एक दिन पहले छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाकर चौंकाया। इससे पहले उत्तराखंड में 114 दिन के लिए मुख्यमंत्री रहे तीरथ सिंह रावत, उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और हरियाणा के मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर भी साधारण कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री बने।Read More: मध्यप्रदेश में ठंड का सितम जारी, उत्तरी हवाओं से बनी रहेगी ठंडक
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