मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन अब शुरू हो चुका है। चुनावी रण में आज गुरुवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है। क्योंकि आज पीएम मोदी महाकौशल में तो प्रियंका गांधी मालवा निमाड़ में हुंकार भरेंगी। दोनो दिग्गजों की चुनावी रैली भले ही एक दूसरे से 600 किलोमीटर दूर हो लेकिन दोनों का लक्ष्य आदिवासियों का साधने का है। प्रधानमंत्री मोदी रानी दुर्गावती के द्वारा, जबकि प्रियंका गांधी टंट्या मामा के सहारे आदिवासी वोटरों को साधेगी।
आदिवासी सत्ता की चाबी
मध्यप्रदेश में आदिवासी सत्ता की चाबी है। इसकी वजह है पुराने आंकड़े। मध्य प्रदेश में 47 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 80 सीटों पर आदिवासी वोटर्स हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मध्यप्रदेश में करीब 20 फीसदी आदिवासी हैं। 2018 में 47 सीटों में से 29 सीटें जीतकर कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में वापस पहुंची थी। इस चुनाव में भाजपा को 17 सीट ही मिल पाई थीं।बीजेपी का मिशन महाकौशल,मोदी शाह के बैक टू बैक दौरे...
महाकौशल में कुल 38 विधानसभा सीट हैं। 2018 में कांग्रेस को मिली थी 24 और बीजेपी के पास गई थी 13 सीट। इस इलाके की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 13 में से 11 सीटों पर कांग्रेस जीत हासिल की थी।कांग्रेस का मालवा निमाड़ पर फोकस
राहुल गांधी के बाद प्रियंका लगाएंगी जोर। मालवा निमाण में कुल 66 सीटें,2018 के चुनाव में कांग्रेस को मालवा निमाण का मिला था साथ। 2018 के चुनाव में बीजेपी को महज 29 सीटें ही मिली थी। प्रियंका गांधी आज धार जिले के मोहनखेड़ा से कांग्रेस के चुनावी अभियान को धार देंगी। प्रियंका गांधी टंट्या मामा के जरिये आदिवासियों को भी साधेंगी। प्रियंका टंट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण करेंगी। इस दौरान वे बड़ी जनसभा को भी सम्बोधित करेंगी। इसके अलावा प्रियंका जैन समाज के कार्यक्रम में शामिल होंगी।Read More: प्रधानमंत्री मोदी का आज जबलपुर दौरा, 12 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात
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