एमपी में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है। इसी को देखते हुए मध्यप्रदेश में दोनों ही प्रमुख दलों ने मिशन 2023 की तैयारी में धार देने शुरू कर दी है। सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी के अलावा कांग्रेस भी चुनाव की तैयारी में अपनी पूरी ताकत के साथ जुट गई है। चुनावी साल में चुनावी वादों के साथ आरोप-प्रत्यारोप और जुबानी जंग तेज हो गई है।
बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुवानी जंग
जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे ही बीजेपी-कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी शब्दों के तीर छोड़े जा रहे है। जहां एक तरफ सीएम शिवराज सिंह और वीडी शर्मा ने कमान अपने हाथ में थामे रखी है तो वहीं दूसरी तरफ पीसीसी चीफ कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने कमान थाम रखी है। इसी कड़ी में अब दिग्विजय सिंह ने सरकार के एजेंट और गुलाम की तरह काम करने वाले अधिकारी – कर्मचारियों (खासकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारी) को धमकी के साथ चेतावनी भी देने लगे हैं।
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बिजावर विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय ने कहा कि, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं। पुलिस गुलाम की तरह कार्य कर रही हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा जो बीजेपी में गुलाम की तरह कार्य कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने दी अधिकारी –कर्मचारियों को धमकी
कांग्रेस के कद्दावर नेता और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री उन्होंने दिग्विजय सिंह ने अधिकारी – कर्मचारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि, सुधर जाओ नहीं तो कोई मामा मामू, मंत्री बचाने वाला नहीं है आपके बुरे दिन आने वाले हैं। वहीं आगे कांग्रेस नेता ने मेडिकल कॉलेज के सवाल पर कहा कि, कांग्रेस की सरकार बनते ही जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
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