मध्याप्रदेश की डाॅ मोहन यादव सरकार यह साल गौरक्षा वर्ष के रूप में मना रही है। मध्यप्रदेश में निराश्रित गौवंशीय पशुओं की संख्या को देखते हुए अभ्यारण्य निर्माण का फैसला लिया गया है।
मध्यप्रदेश के 9 जिलों में निराश्रित गौवंशीय पशुओं की बेहतर देखभाल के लिए गौ अभ्यारण्य का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक अभ्यारण्य के निर्माण में करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके संचालन की जिम्मेवारी किसी गैर सरकारी संगठन को दी जाएगी। संगठन अपनी आय बढ़ाने के लिए कुछ दुधारू गायों को भी रख सकेगा।
गौ रक्षा वर्ष बना रही सरकार
राज्य सरकार इस साल को गौ रक्षा वर्ष के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में यह निर्णय लिया गया है। अभ्यारण्य निर्माण की योजना की मंजूरी के लिए शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। अभ्यारण्य ऐसी जगह बनाए जाएंगे, जहां गौवंशीय पशुओं को दिन में चरने के लिए छोड़ा जा सके।
मप्र के आगर मालवा के सलरिया में पहले से ही गौ अभ्यारण्य चल रहा है, मध्यप्रदेश में प्रत्येक गौ अभ्यारण्य बनाने पर करीब 18 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी
प्रदेश में करीब 10 लाख निराश्रित गौवंशीय पशु
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव के अनुसार मध्यअप्रदेश में करीब 10 लाख निराश्रित गोवंशीय पशु हैं, जिसमें 3 लाख गौशालाओं में और बाकी खुले में हैं। निराश्रित होने के कारण गोवंशीय पशु राजमार्गों में दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते हैं। अभ्यारण्य में क्षमतानुसार 5 से 25 हजार तक गोवंशीय पशु रखे जा सकेंगे। आगर मालवा के सलरिया में एक गो-अभयारण्य पहले से संचालित हो रहा है, जो 472 हेक्टेयर क्षेत्र में बना हुआ है। इसे भी विस्तारित किया जाएगा
प्रदेश में गौवंश वन्य अभ्यारण्य बनाने का प्रस्ताव है। जिस अंचल में निराश्रित गोवंश की संख्या अधिक है, वहां अधिक और बड़े अभ्यारण्य बनाए जाएंगे। यहां गोवंश को दिन में चरने के लिए छोड़ा जाएगा
गौशालाओं से अलग होंगे अभ्यारण्य
गौशालाओं में गायों को चरने की सुविधा नहीं रहती। अभ्यारण्य ऐसी जगह बनाए जाएंगे, जहां वह वन में घास चरने के लिए जा सकेंगी।इस क्षेत्र को किसी तरह की फेंसिंग से सुरक्षित किया जाएगा, जिससे गोवंश बाहर न जा सके और न ही उन्हें जंगली जानवरों से खतरा रहे।
गोशालाओं में उन गायों को रखा जाता है, जो दूध नहीं दे रही हैं, पर गौ-अभ्यारण्य में दुधारू गायों को भी रखा जा सकेगा।
इन जिलों में अभ्यारण्य बनाने का प्रस्ताव
टीकमगढ़ में चरपुंवा, मंदसौर में मोरखेड़ा, पन्ना में शिकारपुरा, अशोकनगर में नडेर, रायसेन में चिखलोद कला, खरगोन में ओखला, सतना में पड़मनिया जागीर, जबलुपर में देहरीकलां या देहरीखुर्द और सागर में देवल में गौ अभ्यारण्य बनाने का प्रस्ताव है
Written By-Sumit Mishra
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