एमपी में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है। मिशन 2023 की तैयारियां तेज हो गई है। बीजेपी-कांग्रेस पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। दोनों ही दलों के बीच खूब जुबानी तीर छोड़े जा रहे है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता का बड़ा बयान सामने आया है। अरुण यादव ने विधानसभा चुनाव 2023 न लड़ने का फैसला किया है। हालांकि किन कारणों से उन्होंने यह फैसला लिया इसका जिक्र नहीं किया है।
अरुण यादव ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन शुरू हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की दो सूची जारी कर दी है। जिसमें बीजेपी ने दिग्गजों के चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की एक भी कैंडिडेट लिस्ट जारी नहीं हुई है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अरुण यादव ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।अरुण यादव ने इसकी जानकारी संगठन को दी है। हालांकि अरुण यादव ने कारणों का जिक्र नहीं किया है।
2018 के चुनाव में अरुण यादव सीएम शिवराज से हार गए थे
आपको बता दें कि, कांग्रेस संगठन ने अरुण यादव को जन आक्रोश यात्रा की जिम्मेदारी सौंपी थी। जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानकारी के अनुसार, अरुण यादव का नाम मांधाता, निमाड़ की बड़वाह और खरगोन के कसरावद से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। बता दें कि, अरुण यादव 2 बार के सांसद रह चुके हैं। वे केंद्रीय मंत्री और पीसीसी अध्यक्ष भी रहे है। 2018 के चुनाव के अरुण ने सीएम शिवराज सिंह के खिलाफ बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।