मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी बनने के बाद से ही विवाद जारी है। ग्वालियर-चंबल से आने वाले कांग्रेस के एक सीनियर नेता अपने समर्थकों की अनदेखी से नाराज बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी की नई टीम में उन्होंने अपने पांच समर्थकों के नाम दिए थे, लेकिन उनके समर्थकों को जगह नहीं मिली है। इससे पहले भी कई नेता प्रदेश की नई कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से नाराज हैं। बता दें कि जीतू पटवारी नई कार्यकारिणी में 177 नेताओं को शामिल किया हैं, जिस पर सीएम मोहन यादव ने भी तंज कसा था।
कार्यकारिणी को लेकर कई बड़े नेता नाराज
दरअसल, कांग्रेस में भीतर खाने से खबर है कि कांग्रेस की कार्यकारिणी को लेकर कई बड़े नेता नाराज हैं, जिनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का नाम भी बताया जा रहा है। जो जीतू पटवारी की नई टीम से नाराज नजर आ रहे हैं। वे अपने समर्थकों को जगह नहीं मिलने से नाखुश है, गोविंद सिंह ने अपने पांच समर्थकों के नाम दिए थे, लेकिन किसी को जगह नहीं मिली। ग्वालियर-चंबल इलाके में अच्छा सियासी रसूख रखने वाले सिकरवार परिवार के किसी सदस्य को भी कार्यकारिणी में नहीं रखा गया है। गोविंद सिंह कांग्रेस के सीनियर नेता हैं, वह लगातार 7 विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, हालांकि 2023 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
लक्ष्मण सिंह को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया
वहीं कांग्रेस के अपने नेता ही इस पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व सांसद और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन उन्होंने टीम पर सवाल उठाए हैं। लक्ष्मण सिंह ने लिखा '177 सदस्यीय पीसीसी टीम का गठन करने पर बधाई, अगर ये सभी केवल अपनी विधानसभा जितवा दे तो सरकार बन जाएगी। पर क्या ऐसा होगा ? अभी तक यह अदभुत प्रयोग सफल नहीं हुआ है।
जीतू की टीम में 17 तो उपाध्यक्ष
जीतू पटवारी की नई टीम में कुल 177 नेता शामिल हैं, जिनमें 17 तो उपाध्यक्ष और 50 महासचिव हो गए, ऐसे में इतने नेताओं की जगह पर बीजेपी भी लगातार निशाना साध रही है। बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी की नई टीम में ज्यादातर समर्थक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के करीबी हैं।
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