प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में कहा कि ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ से शुरू हुआ सिलसिला अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ बन चुका है, और इसके केंद्र में देश की युवा शक्ति है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर अपनी विरासत और विचारों को हमेशा आगे रखें।
पीएम मोदी ने अपने भाषण के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, “बीते 11 सालों में देश के हर सेक्टर में संभावनाओं के अनंत द्वार खुल रहे हैं। कंटेंट और क्रिएटिविटी भी इसी में शामिल हैं। हमारे युवा रामायण और महाभारत की प्रेरक कहानियों को गेमिंग वर्ल्ड में शामिल कर सकते हैं, और हनुमान जी पूरी दुनिया की गेमिंग को चला सकते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “हमने नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का जो सिलसिला शुरू किया है, वो अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है। इसके केंद्र में हमारी युवा शक्ति ही है।” पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें अपनी विरासत और विचारों को हमेशा आगे रखना चाहिए।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा नेताओं के साथ संवाद
‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने डायलॉग के समापन सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान देशभर के लगभग तीन हजार युवा नेता और अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय के युवा प्रतिनिधि मौजूद थे। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय महत्व के 10 विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां प्रधानमंत्री के सामने रखीं। पीएम मोदी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “साल 2047 में हमारी आजादी के 100 साल पूरे होंगे। यह समय भारत और आपकी पीढ़ी दोनों के लिए अहम है। आपका सामर्थ्य भारत का सामर्थ्य बनेगा, और आपकी सफलता देश की सफलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”
आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश बिना आत्मविश्वास के आत्मनिर्भर और विकसित नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपनी विरासत और सामर्थ्य पर गर्व होना चाहिए, और हमें गुलामी की मानसिकता को खत्म करना है। उन्होंने याद दिलाया कि 10 साल बाद 200 साल पहले मैकाले के अधिनायकवादी कदमों का हिसाब चुकता करने का समय आएगा, और यही जिम्मेदारी वर्तमान युवा पीढ़ी की है। पीएम मोदी ने युवाओं को सुझाव दिया कि आने वाले समय में जिलों को विकसित करने के लिए डायलॉग आयोजित किए जाएँगे, ताकि प्रत्येक राज्य में युवाओं की भागीदारी से थिंक टैंक नेटवर्क तैयार हो सके।
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