पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति पर त्वरित और व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। 11 जनवरी 2026 को कल्याणी स्थित आईसीएमआर वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (VRDL), एम्स कल्याणी में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की पुष्टि हुई। निपाह वायरस एक गंभीर ज़ूनोटिक रोग है, जिसकी मृत्यु दर अधिक है और जो तेजी से फैलने की क्षमता रखता है। इस कारण इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत नियंत्रित किया जा रहा है।
केंद्र और राज्य ने मिलकर समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की
मामले की पुष्टि होते ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) के साथ समीक्षा बैठक की और समन्वित और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। राज्य सरकार की सहायता के लिए केंद्र ने राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल तैनात किया है। इस टीम में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन (कोलकाता), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (पुणे), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (चेन्नई), एम्स कल्याणी, और वन्यजीव विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेषज्ञ शामिल हैं।
समीक्षा बैठक में किए गए निर्णय
केंद्र सरकार ने निपाह वायरस से निपटने के लिए दिशा-निर्देश राज्य के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के साथ साझा किए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), नई दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र (PHEOC) को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि देशभर में समन्वय और प्रतिक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी को पत्र भेजकर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और टेलीफोन पर बातचीत में राज्य को तकनीकी, लॉजिस्टिक और संचालन स्तर पर हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रोकथाम उपायों को सख्ती से लागू करे
केंद्र सरकार ने प्रयोगशाला सहायता, निगरानी, रोगियों के उपचार, संक्रमण नियंत्रण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन सहित सभी संसाधन उपलब्ध कर दिए हैं। राज्य सरकार को सलाह दी गई है कि वह विशेषज्ञ टीमों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखे, संदिग्ध संपर्कों की पहचान करे और अन्य रोकथाम उपायों को सख्ती से लागू करे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पश्चिम बंगाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहकर स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।
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