VB-G RAM-G Yojana: केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM-G लागू होने के महज कुछ दिनों के भीतर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने योजना के तहत 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्यों को जारी कर दी है। खास बात यह रही कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक देशभर से एक भी शिकायत सामने नहीं आई है। यह दावा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इस योजना ने देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा की जगह ली है। नाम बदलने से लेकर नियमों में बदलाव तक विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, लेकिन सरकार इसे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा सुधार बता रही है।
भोपाल से जारी की पहली किस्त, राज्यों को मिला बड़ा फंड
रविवार को भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना की पहली किस्त के रूप में 25,863 करोड़ रुपये जारी किए। इस दौरान उन्होंने सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि नई व्यवस्था बिना किसी बाधा के लागू हुई है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इतनी बड़ी योजना लागू होने के बावजूद एक भी शिकायत नहीं मिलना इस बात का संकेत है कि राज्यों ने बेहतर तरीके से काम किया है।
आखिर VB-G RAM-G है क्या?
1 जुलाई 2026 से लागू Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission (Gramin) केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है। यह वही योजना है जिसने मनरेगा की जगह ली है। हालांकि सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि रोजगार की अवधि बढ़ाना, मजदूरी बढ़ाना और भुगतान व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।
नई योजना में क्या-क्या बदला?
► अब 100 नहीं, 125 दिन मिलेगा रोजगार
सबसे बड़ा बदलाव रोजगार गारंटी में हुआ है। अब पात्र परिवारों को साल में 125 दिन तक रोजगार मिलेगा।
► मजदूरी में भी हुई बढ़ोतरी
मनरेगा में औसत मजदूरी 298.80 रुपये प्रतिदिन थी, जिसे बढ़ाकर 327.40 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
► समय पर काम नहीं मिला तो मिलेगा भत्ता
यदि तय समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
► पैसा सीधे खाते में
मजदूरी पहले की तरह DBT के जरिए सीधे बैंक या डाकघर खाते में पहुंचेगी। भुगतान 15 दिन के भीतर करना होगा, देरी होने पर मुआवजा भी मिलेगा।
विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?
नई योजना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया है। हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को और मजबूत बनाना है और इससे मजदूरों को पहले से ज्यादा लाभ मिलेगा।
अब आगे क्या होगा?
पहली किस्त जारी होने के बाद अब राज्यों में विकास कार्यों को तेजी से मंजूरी मिलेगी। सरकार का दावा है कि अतिरिक्त रोजगार दिवस और बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले महीनों में इस योजना के प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी।