Bhopal News: मध्यप्रदेश देश के क्रिटिकल मिनरल हब (Critical Mineral Hub) के रूप में तेजी से उभर रहा है। बैतूल से आलीराजपुर तक फैले खनिज बेल्ट में उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट (Graphite) के विशाल भंडार मिलने के बाद राज्य की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन को नई गति देगी और आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) का प्रमुख केंद्र बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा की प्रचुरता, निवेश अनुकूल नीतियां और आधुनिक खनन व्यवस्था के कारण मध्यप्रदेश अब देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रेफाइट की यह खोज न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उत्पादन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी।
बैतूल से आलीराजपुर तक मिला उच्च गुणवत्ता वाला ग्रेफाइट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि बैतूल, हरदा, खरगोन, झाबुआ और आलीराजपुर तक फैले खनिज बेल्ट में हाई फिक्स्ड कार्बन और उत्कृष्ट फ्लेकी ग्रेफाइट के बड़े भंडार मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार का ग्रेफाइट वैश्विक स्तर पर सबसे मूल्यवान श्रेणी में माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग अत्याधुनिक तकनीक वाले उद्योगों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह खोज मध्यप्रदेश को देश के सबसे महत्वपूर्ण खनिज राज्यों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम है।
आखिर ग्रेफाइट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
ग्रेफाइट आज के दौर का सबसे रणनीतिक खनिज माना जाता है। इसका सबसे बड़ा उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की लिथियम-आयन बैटरियों में होता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल ऊर्जा भंडारण (Energy Storage), इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, स्टील उद्योग, एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों के निर्माण में भी किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में ग्रेफाइट की आवश्यकता कई गुना बढ़ने वाली है।
EV बैटरी से लेकर रक्षा उद्योग तक मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में मिले उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट का उपयोग—
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी निर्माण
ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Storage)
इलेक्ट्रोड निर्माण
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग
रक्षा उपकरण
स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं
जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा। इससे भारत का आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
'आत्मनिर्भर भारत' मिशन को मिलेगी नई ताकत
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को सफल बनाने में मध्यप्रदेश की यह खनिज संपदा अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से दोहन करते हुए निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार आधुनिक खनन नीतियों और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के जरिए उद्योगों को आकर्षित कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निवेशकों के लिए बन रहा आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज संपदा की प्रचुर उपलब्धता और उद्योगों के अनुकूल नीतियों के कारण देश-विदेश की कई कंपनियां निवेश में रुचि दिखा रही हैं। आने वाले समय में ग्रेफाइट आधारित उद्योगों की स्थापना से प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
प्रदेश बनेगा देश का 'क्रिटिकल मिनरल हब'
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल पारंपरिक खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की तकनीकों के लिए आवश्यक क्रिटिकल मिनरल्स का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। ग्रेफाइट के विशाल भंडार इस दिशा में बड़ी उपलब्धि हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश के ग्रीन एनर्जी मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार का मानना है कि ग्रेफाइट के व्यावसायिक खनन और उससे जुड़े उद्योगों के विकसित होने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया गया तो मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में और अधिक मजबूत स्थान हासिल कर सकता है।