आइएमडी ने शनिवार को बड़ी खुशखबर दी। इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून 4 दिन पहले 27 मई को केरल पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो मप्र में यह 12 से 15 जून के बीच तो भोपाल में 20 जून को आएगा। अमूमन मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है। मानसून 27 मई तक केरल में पहुंचा तो यह 2009 के बाद सबसे जल्दी आगमन होगा। 2009 में मानसून ने केरल में 23 मई को दस्तक दे दी थी।
IMD के अनुसार, मानसून केरल से शुरू होकर 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। मौसम विभाग ने अप्रेल के अनुमान में इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद जताई है। इससे अल-नीनो के असर को नकारा जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश होती है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन ने बताया, देश में इस साल 4 सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान 105% बारिश हो सकती है, जो औसत बारिश 87 सेंटीमीटर से ज्यादा है।
जल्द यानी ज्यादा बारिश नहीं
मौसम विभाग ने साफ किया कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब कम या ज्यादा बारिश होना नहीं है। इसमें कई फैक्टर होते हैं। हाल में विभाग ने बताया था कि इस साल दक्षिणी अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीपसमूह में मानसून 13 मई को आगे बढ़ सकता है। ऐसा 20 मई के आसपास होता है। इस बार एक हफ्ते पहले ही हो रहा है।
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