नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘सार्थक-PDS’ योजना को अगले पांच वर्षों के लिए यानी मार्च 2031 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 25,530 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और जरूरतमंद लोगों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना आसान होगा। योजना के तहत AI आधारित लाभार्थी पहचान, GPS ट्रैकिंग, QR कोड टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं को लागू किया जाएगा।
पीएम मोदी बोले- हर जरूरतमंद तक पहुंचे समय पर राशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘सार्थक-PDS’ को आधुनिक और प्रभावी बनाकर राशन वितरण, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर किया जाएगा। साथ ही शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।
AI और GPS से लैस होगा राशन सिस्टम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि योजना के तहत AI आधारित लाभार्थी रजिस्ट्री, GPS ट्रैकिंग और QR कोड टैगिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सस्ते अनाज और अन्य योजनाओं का पूरा लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
राज्यों को मिलेगा आर्थिक समर्थन
सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को खाद्यान्न परिवहन और प्रबंधन के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का भी फैसला किया है। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि वितरण प्रणाली और मजबूत हो सके।
दो योजनाओं को मिलाकर बनी ‘सार्थक-PDS’
‘सार्थक-PDS’ योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चल रही खाद्यान्न परिवहन सहायता योजना और ‘स्मार्ट PDS’ योजना को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
शिकायत निवारण प्रणाली भी होगी मजबूत
नई व्यवस्था में डिजिटल मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए राशन वितरण पर नजर रखी जाएगी। इससे शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और लाभार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।