भोपाल में मंगलवार को आपदा प्रबंधन तैयारियों को जांचने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राजधानी के अटल बिहारी वाजपेई परिसर में सिविल डिफेंस की ओर से यह अभ्यास किया गया, जिसमें विभिन्न एजेंसियों ने भाग लेकर आपात स्थिति से निपटने की अपनी तैयारियों को परखा।
रात 8 बजे बजे सायरन, टीटी नगर में हुआ ब्लैकआउट
मॉक ड्रिल के दौरान रात करीब 8 बजे अचानक सायरन बजाए गए, जिसके बाद टीटी नगर क्षेत्र में करीब 10 मिनट तक ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान हवाई हमले, आगजनी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित निकालने का पूर्व अभ्यास किया गया।
लोगों को दी गई जरूरी जानकारी
ड्रिल के दौरान लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को हवाई हमले जैसी स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी गई। नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी गई।
कई विभागों ने लिया हिस्सा
इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीमों को तैनात किया गया था। पांच अलग-अलग टीमों ने पूर्व अभ्यास के जरिए अपनी प्रतिक्रिया क्षमता को परखा।
रेस्क्यू और रिस्पॉन्स टाइम की जांच
अभ्यास के दौरान लोगों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न टीमों के रिस्पॉन्स टाइम और आपसी समन्वय का भी मूल्यांकन किया।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा या आपात स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करना और आम लोगों को जागरूक बनाना है।