केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बढ़ते इबोला वायरस रोग मामलों को देखते हुए भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के अनुसार फिलहाल देश में इबोला वायरस रोग का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।
युगांडा से लौटे यात्री को रखा गया निगरानी में
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में Uganda से लौटे एक व्यक्ति को एहतियात के तौर पर Government Epidemic Diseases Hospital में निगरानी और आइसोलेशन में रखा गया था। यात्री में शरीर दर्द के हल्के लक्षण पाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, व्यक्ति में कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। उसके सैंपल को जांच के लिए National Institute of Virology भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अब इबोला के लिए नेगेटिव आई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ाई निगरानी
मंत्रालय ने कहा कि राज्यों के साथ समन्वय बनाकर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। WHO के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जरूरी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट, सीमा स्वास्थ्य केंद्रों और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रीनिंग और निगरानी की प्रक्रिया लगातार जारी है। लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।
WHO ने जताई चिंता
इस बीच WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप मौजूदा आंकड़ों से अधिक बड़ा हो सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि कांगो में अब तक 101 पुष्ट मामले और 10 मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं, 900 से अधिक संदिग्ध मामलों और 220 संदिग्ध मौतों की जांच जारी है।
क्या है इबोला वायरस रोग?
इबोला वायरस रोग एक गंभीर और कई बार जानलेवा संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित शारीरिक द्रवों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, शरीर दर्द, उल्टी और रक्तस्राव शामिल हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती पहचान और आइसोलेशन इस बीमारी के नियंत्रण में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।