देवास - मध्य प्रदेश के देवास जिले में सामूहिक विवाह के नाम पर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 42 दूल्हे तो विवाह स्थल पर पहुंच गए लेकिन एक भी दुल्हन नहीं पहुंची। घटना ने कई परिवारों को सदमे में डाल दिया। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने शादी न हो पाने से परेशान युवकों को निशाना बनाया और उन्हें अनाथ आश्रम की युवतियों से विवाह कराने का झांसा दिया। इसके बदले उनसे 10 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूले गए।
पुलिस जांच में खुलासा, गिरोह ने रची थी साजिश
पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लोगों को भरोसे में लेकर यह फर्जी सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया था। मप्र पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
रात तक इंतजार, फिर हुआ हंगामा
शाम तक दूल्हे और उनके परिवार इंतजार करते रहे, लेकिन जब दुल्हनें नहीं पहुंचीं तो स्थिति साफ हो गई कि यह ठगी है। इसके बाद क्लब ग्राउंड में हंगामा हुआ और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
कई राज्यों में फैल सकता है नेटवर्क
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह सिर्फ देवास तक सीमित था या अन्य जगहों पर भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।