मध्य प्रदेश में 2 साल से तबादले की बाट जोह रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस को जल्द ही हरी झंडी दिखाई जा सकती है। 22 अप्रैल को संभावित मंत्री परिषद की बैठक में तबादला नीति 2025 का अनुमोदन किया जा सकता है। इसके बाद करीब 15 दिन से एक महीने तक के लिए प्रदेश में तबादले पर लग गए प्रतिबंध को हटाया जा सकता है। महेश्वर में पिछले दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में अति आवश्यक मामलों से जुड़े तबादले को लेकर मुख्यमंत्री ने छूट दी थी, लेकिन पूरी तरह से ट्रांसफर से प्रतिबंध नहीं हटाया गया था। पर अब जल्द ही पूरी तरह से प्रतिबंध हटाया जा रहा है। राज्य शासन ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।
3 साल से जमे अधिकारी हटेंगे
मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ उच्च अधिकारियों की मानें तो सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। लेकिन मुख्यमंत्री की सलाह पर कुछ बिंदुओं में बदलाव किया जा रहा है। इस माह के अंत तक तबादला नीति को राज्य शासन की मंजूरी मिल सकती है। तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान में जमे हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा जाएगा।
10% प्रतिशत अधिकारियों का हो सकेगा ट्रांसफर
बताया जा रहा है कि किसी भी विभाग में 10 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों के तबादले नहीं होंगे। लेकिन लाखों की संख्या में कर्मचारी वाले विभागों में इस मामले पर ढील दिया जा सकती है। जो अधिकारी कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।
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