पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को पंच-सरपंच उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा है कि, पंचायतीराज की कल्पना भारत में ही की गई थी। इसे महात्मा गांधी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, राम मनोहर लोहिया इन 3 भारतीय विचारकों ने भारतीय राजनीति में दिशा देने का कार्य किया।
समाज के हर व्यक्ति को बराबर का दर्जा होना चाहिए
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, पंचायतीराज की जो सामुदायिक परिकल्पना है, वह हमारी परंपराओं और हमारे पंच परमेश्वर के दर्शन में है। हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो। इसके साथ ही बीजेपी नेता पटेल ने कहा कि, लोहिया ने कहा जाति की श्रृंखला तोड़ देनी चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को बराबर का दर्जा होना चाहिए।
आप अपनी ग्राम पंचायतों के सर्वे-सर्वा हो
उन्होंने पंच-सरपंचों से कहा कि, आप अपनी ग्राम पंचायतों के सर्वे-सर्वा हो, यह गांव आपका है। आपको अपने तरीके से सोचना होगा, आपके पास पैसे की कमी नहीं है। पैसे का उपयोग कैसे करेंगे यह आपको सोचना होगा। इससे आपका और आपकी ग्राम पंचायतों का भविष्य बेहतर होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि, पंचायतों को अपने संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। सभी पंचायतों में सामुदायिकता का भाव होना चाहिए और पंचायतों के लिए पाँच वर्ष के लिए कौन से कार्य करना है यह सोचना चाहिए।
वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है
पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि, तालाब, सड़क, बांध तकनीक को ध्यान में रखकर बनाए जाए। पंचायतों में बेहतर रिकॉर्ड रखने का कार्य दूसरी संस्था नहीं कर सकती है। मंत्री पटेल ने कहा कि नये पंचायत भवन 3 मंजिला बनाये जा रहे हैं, जिसे ग्राम पंचायत द्वारा ही बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि, पंचायती राज के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान सफल होगा, जहाँ नदियों का संगम होगा। हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं। वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है।
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