राजधानी भोपाल समेत पूरे एमपी में डेंगू का प्रकोप लगातार जारी है। डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे है, हर दिन 6 से 7 मामले सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि, इस साल में प्रदेश का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। शहर के निजी अस्पतालों में 3 दर्जन से ज्यादा डेंगू से पॉजिटिव लोगों का इलाज चल रहा है। हालांकि अभी उनका एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, एलाइजा का टेस्ट जब तक नहीं होता डॉक्टर मरीज को डेंगू पॉजिटिव नहीं मानता है।
नगर निगम नहीं कर रहा फॉगिंग
वहीं तेजी से फैल रहे डेंगू पर लोगों ने बताया है कि, नगर निगम शहर में फॉगिंग तक नहीं करा रहा है। दिन रात लोग मच्छर से परेशान है। आगे लोगों ने बताया कि, कई बार नगर निगम के कार्यालय में शिकायत की गई इसके बाद भी नगर निगम द्वारा फॉगिंग की कार्रवाई नहीं कराई गई है।
राज्य में डेंगू के आंकड़े 1500 के पार
एनसीवीबीडीसी की वेबसाइट पर 17 सितम्बर तक की जानकारी है। वहीं इस जानकारी के अनुसार, एमपी में डेंगू के मरीजों की संख्या 1 हजार 5 सौ 44 है। इस समय तक भोपाल में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या लगभग 2 सौ 80 थी। आपको बता दें कि, चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या भी 100 के पार पहुंच गई है।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी की अपील
वहीं सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि, डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा का टेस्ट किया जाता है। तिवारी ने लोगों से अपील की यदि डेंगू के लक्षण किसी मरीज में दिखाई दें तो वह टेस्ट जरूर कराए। उन्होंने कहा कि, डेंगू टेस्ट का सर्वे किया जा रहा है और लापरवाही बरतने पर फाइन भी लग रहा है।
डेंगू से बचने के उपाय
छत व घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री में पानी जमा न होने दें । पानी भरने के बर्तन टंकियां आदि को ढककर रखना सुनिश्चित करें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें, ताकि वहां पानी का जमाव ना हो। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। सप्ताह में एक बार टिन, डिब्बा, बाल्टी खाली करें और सुखाएं। सात दिन में एक बार कूलर का पानी खाली करें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं।