भाजपा नेता और नागौद के पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह का भोपाल में दुखद निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से नागौद और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। बताया जा रहा है कि देर रात तक उनका पार्थिव शरीर नागौद लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। यादवेंद्र सिंह की राजनीति में सक्रिय भूमिका और क्षेत्र के प्रति योगदान उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगा।
राजनैतिक जीवन
यादवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश के नागौद विधानसभा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने नागौद से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर जीत हासिल कर विधायक के रूप में सेवा दी और क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। वर्ष 2013 में कांग्रेस के टिकट पर वे भाजपा प्रत्याशी गगनेन्द्र प्रताप सिंह को पराजित कर विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2018 के चुनाव में यादवेंद्र सिंह केवल 1,234 वोटों से हार गए। इस बार कांग्रेस ने उनका टिकट काट कर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह पटेल को प्रत्याशी घोषित किया था। 2023 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा और नागौद विधानसभा से चुनाव लड़ा, जो उनके राजनीतिक करियर का महत्वपूर्ण मोड़ था। हालांकि वे चुनाव हार गए,इसके बाद उन्होने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी
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