रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर संगठन स्तर पर बड़ा फैसला हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी से निष्कासित नेताओं और दोबारा प्रवेश के लिए मिले आवेदनों पर चर्चा की गई। 36 मामलों पर विचार हुआ और कुछ नेताओं का निष्कासन समाप्त करने का निर्णय लिया गया, जबकि कई प्रकरण अभी लंबित रखे गए हैं।
20 नेताओं का निष्कासन रद्द किया गया है। इनमें आनंद कुकरेजा, सिद्धार्थ डोंगरे समेत कई नाम शामिल हैं। वहीं अमित जोगी, डॉ. रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े मामलों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कुकरेजा-डोंगरे समेत कई नेताओं को राहत
निष्कासन रद्द होने के बाद संबंधित नेताओं के लिए कांग्रेस में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है। पहली सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव से जुड़े नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं।रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी को राहत मिली है। वहीं मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा का निष्कासन भी रद्द किया गया है।
गरियाबंद के 5 नेताओं की वापसी का रास्ता साफ
गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू का निष्कासन रद्द किया गया है।
राजनांदगांव से कई नेताओं को मिली राहत
राजनांदगांव जिले से कई नेताओं के मामलों में निष्कासन खत्म करने का फैसला हुआ है। इनमें सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर और शशांक डोंगरे के नाम शामिल हैं।इसके अलावा अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा के नाम भी सूची में बताए गए हैं।
अमित जोगी और रेणु जोगी पर फैसला अभी बाकी
अनुशासन समिति की बैठक में अमित जोगी, डॉ. रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ। अमित जोगी के मामले को लेकर समिति की ओर से कहा गया है कि प्रकरण पर विचार हुआ, लेकिन फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। लंबित मामलों पर आगे की बैठक में निर्णय होने की बात सामने आई है।