छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर प्रशासनिक उदासीनता और युवाओं के संघर्ष की तस्वीर फिर से सामने आई है। भर्ती प्रक्रिया के तहत शेष 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड (D.Ed.) योग्य अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।अपनी मांगों को लेकर 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की स्थिति अब गंभीर हो गई है।
आठ अभ्यर्थी भूख के कारण हुए बेहोश
अनशन स्थल पर कृष्णा साहू समेत आठ अभ्यर्थी भूख और कमजोरी के चलते बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद साथियों ने उन्हें तुरंत अभनपुर और माना के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया।डॉक्टरों के अनुसार, कड़ाके की ठंड, लगातार उपवास और मानसिक तनाव के कारण अभ्यर्थियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसके बावजूद आंदोलनकारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले 2621 बीएड धारकों को सहायक शिक्षक पद से हटाकर विज्ञान प्रयोगशालाओं में समायोजित कर दिया, लेकिन खाली हुए पदों पर डीएड योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं की गई।वे कहते हैं कि भर्ती नियमों और न्यायालय के आदेशों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं के लिए डीएड योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इस नियम का पालन नहीं किया।
200 से अधिक अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर
वर्तमान में लगभग 200 अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। ठंड, खुले आसमान और सीमित संसाधनों के बीच ये युवा कई दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि आंदोलन शुरू होने के बाद भी शासन या प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया।वर्ष 2023 से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे ये युवा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से थक चुके हैं, फिर भी अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिए हुए हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष 2300 पदों पर तुरंत नियुक्ति
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन
विधानसभा में भी उठा मामला
यह मुद्दा हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी चर्चा में आया। 17 दिसंबर 2025 को विधायक रिकेश सेन ने विधानसभा सत्र के दौरान इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।
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