भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में नियमित भ्रमण करें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें।
अधिकारी सिर्फ दफ्तरों तक सीमित न रहें
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी सिर्फ दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। इसके लिए कलेक्टर्स को गांवों में रात्रि विश्राम करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की सही तस्वीर सामने आ सके।
किसानों को प्राथमिकता देने पर जोर
साथ ही, किसानों को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा गया है कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाए और भुगतान समय पर किया जाए। गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गर्मी को देखते हुए ORS जैसी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद रहें
प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि खरीदी केंद्रों पर छाया, पेयजल, बारदाना और गर्मी को देखते हुए ORS जैसी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद रहें। इसके अलावा, प्रदेश में बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को हर हाल में सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने और आम जनता को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।