भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रशासनिक अनुशासन और मैदानी सक्रियता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा— “जब मैंने कह दिया कि रात्रि विश्राम करना है, तो उसका अर्थ है रात्रि विश्राम करना। जिन कलेक्टरों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे तत्काल सुधार करें।” शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित कमिश्नरों और कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब पिछले एक वर्ष में किए गए कार्यों के आधार पर अधिकारियों की रैंकिंग तय की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों से दूरी न रखें, लगातार भ्रमण और संवाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सफलता का पैमाना जनता से जुड़ाव और समस्याओं का समयबद्ध समाधान है।
डिलिवरी सिस्टम को बनाएं कस्टमर फ्रेंडली
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को डिलिवरी सिस्टम को कस्टमर-फ्रेंडली बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल होनी चाहिए।
अभियानों और योजनाओं की समीक्षा
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प से समाधान अभियान सहित सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और उनका फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का मैदानी स्तर पर पूरी दक्षता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
फोकस और समर्पण के साथ काम करने की अपील
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से समर्पित और फोकस होकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।